ब्लैक फंगस और वाइट फंगस इन्फेक्शन क्या है ?

ब्लैक फंगस और वाइट फंगस इन्फेक्शन क्या है ?

ब्लैक फंगस : ब्लैक फंगस को मेडिकल साइंस की भाषा में म्यूकोरमाइसिस कहते है | म्यूकोरमाइसिस नमक इस बीमारी को ब्लैक फंगस भी कहते है| 

म्यूकोरमाइसिस (ब्लैक फंगस) एक प्रकार का इन्फेक्शन है | यह बीमारी फंगस या फुफुन्द से फैलती है| इस फंगस के बीजाणु वातावरण में प्रक्रति रूप में मौजूद होते है| जानकार बताते है की ये बीमारी कमजोर Imnunity वालो के लिए यह संक्रमण खतरा बन सकता है 

वाइट फंगस क्या है ?

वाइट फंगस : ब्लैक फंगस को मेडिकल साइंस की भाषा में म्यूकोरमाइसिस कहते है | म्यूकोरमाइसिस नमक इस बीमारी को ब्लैक फंगस भी कहते है| 

म्यूकोरमाइसिस (ब्लैक फंगस) एक प्रकार का इन्फेक्शन है | यह बीमारी फंगस या फुफुन्द से फैलती है| इस फंगस के बीजाणु वातावरण में प्रक्रति रूप में मौजूद होते है| जानकार बताते है की ये बीमारी कमजोर Imnunity वालो के लिए यह संक्रमण खतरा बन सकता है 

ब्लैक फंगस और वाइट फंगस का लाक्षण क्या है?

ब्लैक और वाइट फंगस होने का मुख्य कारण:

  1. गाल की हड्डी में अगर दर्द.
  2. नाक जाम हो नाक से काला या लाल पानी आना.
  3. चेहरे के एक तरफ कोई सूजन आ गई हो या फिर दर्द.
  4. दांत टूट रहे हैं.
  5. आपको आंखों से धुंधला या दोहरा दिखाई देना 
  6. सीने में दर्द और सांस में परेशानी हो सकती है

ये सभी ब्लैक और वाइट फंगस के लक्षण है.

ब्लैक और वाइट फंगस क्यों होता है ?

  • अगर आपको अनियंत्रित मधुमेह की बीमारी हैं
  • अगर आप स्टेरॉयड ले रहे हैं इम्यूनोसप्रेशन के लिए, इम्यूनिटी पावर बढ़ाने के लिए
  • अगर आपको covid-19 संक्रमण अधिक होने के कारण अधिक समय तक आईसीयू में रहना पड़ा है
  • या फिर आपकी immunity power काफी कमजोर है 

ब्लैक और वाइट फंगस से बचने का उपाय

अगर आप जानना चाहते हैं कि ब्लैक और वाइट फंगस से बचने का उपाय क्या है  तथा आप घर पर ही रह कर घर से  ब्लैक  फंगस  कैसे  ठीक  करे  तो यहां ब्लैक और वाइट फंगस  के उपाय  पर मैं आपको कुछ ब्लैक  फंगस की टिप्बस ता रहा हूं जिसका उपयोग करके आप आसानी से ब्लैक फंगस  से बच सकते हैं

  1. अगर आपको मधुमेह है तो आपको शुगर ज्यादा नहीं बनने देना है और हाइपरग्लाइसेमिया से बचना है
  2. अगर आपको covid-19 से अभी ठीक हुए हैं तो आपको ब्लड ग्लूकोस पर बराबर नजर रखनी होगी
  3. अगर आप इस टाइम स्टेरॉयड ले रहे हैं तो इसका समय आपको पूरा ध्यान रखना है
  4. और अगर आप एंटीबायोटिक दवाओं का इस्तेमाल डॉक्टर के परामर्श से ही करें हैं तो बहुत अच्छा है

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