जाने कब्ज़ के कारण , लक्षण और इससे बचने के उपाए

 नमस्कार दोस्तों आज हम जानेगे कब्ज़ के कारण , लक्षण , और इससे बचने के उपाए | इस लॉकडाउन के समय मैं सभी दफ्तर और कारखाने बंद चल रहे है | जिसके वजह से लोगो को बहुत सी मुसीबतों का सामना करना पढ़ रहा है जब से लॉकडाउन लगा है तब से लोगो को कब्ज़ की समस्याए बहुत ज्यादे  हो रही है रही है क्योंकी उनकी फिजिकल एक्टिविटी बहुत ही कम हो गई है , इस वजह से कई लोगो का पेट अच्छे से साफ़ नही हो रहा जीसके कारण उनको कब्ज़ की समस्याए हो जा रही है | 

इस कब्ज़ के कारण रोगी कों कई बार शोचालय जाना पढता है लेकिन तब भी कब्ज़ के कारण पेट अच्छे से साफ़ नही हो पाता पेट का अच्छे से साफ़ ना होना और कब्ज़ की समस्या लगातार बने रहना ये हमारे स्वास्थ्य क लिए बहुत ही हानिकारक हो सकता है | आपको बता दे की शारीर होने वाली बिमारिया आधिकतर पेट के साफ़ ना होने के कारण ही पनपती है  आज हम आपको इसी बारे मैं बतायगे की आप अपना कब्ज़ घरेलु चीजों से कैसे ठीक  कर सकते है | 

कब्ज़ के कितने प्रकार होते है ? ( types of constipations )

अगर देखा जाये तो कब्ज़ के तीन प्रकार होते है|

1. स्लो ट्रांजिट कान्स्तिपेशान:- (constipation) आपको बता दे की यह बड़ी आंत मैं आये विकार के कारण होने वाली समस्या हैं | शौच की प्रक्रिया मई एंट्रिक नर्वस सिस्टम (ENS) की तंत्रिकाओं का अहम योगदान होता है और यही तंत्रिकाए ही बड़ी आंत से गुदा द्वार तक शौच को लेकर आती  है लेकिन कब्ज़ की समस्या होने पर यह प्रक्रिया ठीक से नहीं होती है | 

2. डेफिकेशन डिसआर्डर (शौच विकार ):- दोस्तों बहुत से लोगो को पुराने कब्ज़ की शिकायत होती है , उनमे से कई लोग देफिकेशन डिसऑर्डर से पीड़ित होते है जो की अपने आप मैं ही  बहुत खातरनाक है और इसका प्रभाव हेल्थ के उपर  बहुत बुरा पडता है , इसीलिए दोस्तों अगर आपको को कब्ज़ की समस्या है तो उस कब्ज़ की समस्या को जड़ से खत्म करे | 

3. नार्मल ट्रांजिट कोन्स्तिपेशन (constipation):-  दोस्तों इस कब्ज़ को सबसे आम कब्ज़ रूप मैं माना जाता है , और ज्यादेतर लोगो को यही समस्या होती है , इस तरह के कब्ज़ से पीड़ित व्यक्ति को मल त्याग करने मे परेशानी महसूस होती है |  

 

दोस्तों आइये जानते हैं कब्ज़ के कारण |

कब्ज़ के कारण |

दोस्तों कब्ज़ होने के बहुत से कारण हो सकते है , जैसा की हम सब जानते है कब्ज़ पाचन तंत्र से जुडी समस्या है , जिसमे मल त्याग करते समय कठिनाई होती है | मलत्याग करते समय जब आसानी से  मल गुदा मार्ग से न निकले उस स्थति को कब्ज़ कहते है | कब्ज़ की बीमारी होने के कई कारण है , आइये जानते है कब्ज़ होने के क्या क्या कारण है ||

 

1. समय पर भोजन ना करना 

2. रात मैं देर से भोजन करना 

3. पानी कम पीना या तरल पदार्थो का सेवन कम करना 

4. भोजन करने के तुरंत बाद लेट जाना 

5. दवाइयों का आधिक सेवन करना 

6. भोजन पचे बिना दुबारा भोजन करना 

7. मल आने पर उसे रोकना 

8. नींद पूरी ना करना 

9. चिंता या तनावयुक्त जीवन जिना

10. होर्मोन्स का असंतुलन होना

11. थायरॉइड की परेशानी होना 

12. मैदे से बनी एवं तले हुए मिर्च-मसालेदार भोजन का सेवन करना 

13. आधिक मात्रा मैं चाय , काफी , सिगरेट या तम्बाकू का सेवन ||

कब्ज़ के लक्षण |

आइये जानते है की क्या है कब्ज़ के लक्षण |

1. कुंथन करने पर ही मलत्याग होना |

2. पेट मैं दर्द और भारीपन रहना |

3. पेट मैं गैस बनाना |

4. मल का सख्त (कठोर) एवं सुखा होना |

5. सिर मैं दर्द रहना |

6. बदहजमी 

7. बिना श्रम के ही आलस्य बने रहना |

8. मुह से बदबू आना |

9. कब्ज़ के कारण मुह मैं छाले होना भी एक आम समस्यां है |

10. त्वचा मैं मुहासे और फुन्सिया होना |

ये सभी कब्ज़  के लक्षण है |

कब्ज़ के घरेलु उपाए |

1. बेल:-

दोस्तों आप मैं से बहुत से लोग जानते होगे की बेल कब्ज़ की समस्या को दूर करने मैं बहुत ही मदद करता है | बेल पचान तंत्र के लिए बहुत ही फायदेमंद होता है | आधा कप बेल का गुदा और एक चमच्च  गुड का सेवन शाम के भोजन से पहले करेगे तो आपको कब्ज़ मैं आराम मिलेगा | बेल का शरबत भी कब्ज़ मैं  बहुत फायदेमंद होता है ,आप बेल के  शर्बत का भी इस्तेमाल कर सकते है | 

2. सौफ :- दोस्तों आप लोगो को पता होगा की सौफ का इस्तेमाल हम अपनी सब्जियों को बनाने मैं भी करते है | आपकी कब्ज़ की समस्या को छुमंतर करने के लिए आप रोजाना रात मैं सोने से पहले एक चम्मच भुनी हुई सौफ गुनगुने पानी के साथ ले सकते है | दरअसल सौफ मैं पाए जाने वाले उड़नशील तेल पाचन क्रिया को दुरुस्त करते है , तथा ग्रास्टिक एजाइम के उत्पादन को बड़ा देता है |

3. पपीता:- दोस्तों जैसा की हमें पता है पपीता एक फल है जो की खाने बाद हमारे पेट को ठंडक का आभास कराता है | परन्तु दोस्तों ये सिर्फ हमारे पेट को ठंडक ही नही पहुचाता बल्कि पपीता आंतो के लिए लुब्रिकेंट का काम करता है , यानि की मल को मुलायम कर पेट को साफ़ करता है ,जिससे कब्ज़ मैं बहुत आराम मिलता है, पपीते को कब्ज़ का रामबाण इलाज भी माना जाता है ,आपको बता दे की ये गुणकारी फल शारीर को डीटास्क करने मैं भी मदद करता है 

4. त्रिफला :- दोस्तों यह एक आयुर्वेदिकऔषधि हैं | त्रिफला का इस्तेमाल भारत मैं प्राचीन काल से किया जा रहा है , त्रिफला कई बीमारियों का इलाज करने के लिए जाना जाता है यह औषधि कब्ज़ के लिए भी काफी कारीगर साबित हो सकती है | कब्ज़ की समस्या से छुटकारा पाने के लिए बिस्तर मैं जाने से पहले एक गिलास गुनगुने पानी मैं त्रिफला चूर्ण मिला कर इसका सेवन कर सकते है | इसके सेवन से आपको फायदा होगा |

5.  शहद :- शहद कब्ज़ का घरेलू उपचारों मैं से एक है यह हर भारतीय की रसोई मैं मीलेगा , भारत के प्राचीन समय मैं इसका उपयोग दावा बनाने के लिए किया जाता था , अगर आप कब्ज़ से परेसान है तों शहद आपके लिए बहुत मददगार साबित होगा | शहद के अंदर एटीऑक्सीडेंट, एंटीमाइक्रोबियल व एंटीइंफ्लेमेटरि गुण पाए जाते है,  जो कब्ज़ से बचाव मैं उपयोगी साबित होते है  |

ऐसे बहुत से लोग है जिन्हें कब्ज़ की वजह से कई बिमारिया होती है और आजकल ज्यादेतर लोग इससे परेशान है |अगर समय रहते इस पर नियंत्रण नही करते है तो ये आपकी परेशानी को बड़ा सकता है, इससे आपके पुरे शारीर को बहुत नुकशान पहुच सकता है , और जीवन नीरस नज़र आ सकती है इसलिए यह बताये गये घरेलु नुस्खो को अपना कर अपना स्वाथ्य ठीक सकते है अन्यथा बाद मैं आपको कब्ज़ से जुडी बहुत बड़ी समस्या भी हो सकती है | 

disclaimer:- blogfit.in आपके हेल्थ से रिलेटेड  ब्लॉग को आप के पास डिजिटल मध्यम से पहुचता है बताये गये सभी घरेलु नुस्खो को आप डॉक्सटर की सलाह से ले सकते है||                                                            

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