कोरोना वायरस से लड़ने के लिए सबसे बेहतरीन योगा

दोस्तो कोरोना का दूसरा चरण शूरु हो चुका है। जो कि पहले चरण से बहुत ही ज्यादे खतरनाक है। दूसरा चरण पूरे हिन्दुस्तान को अपनी गिरफ्त मैं ले लिया है और बहुत ज्यादे संख्या मे लोग इस बार संक्रमित हो रहे और बहुत ही ज्यादे लोगो की जान भी जा रही है।

इस बार हिन्दुस्तान मैं पिछले कोरोना के मुकाबले ज्यादे केस देखने को मिल रहे है। इस दूसरे चरण के कोरोना मे 3 से 4 लाख लोग कोरोना से रोजाना संक्रमित हो रहे है। जिसमे हमारे हिंदुस्तान के डॉक्टरों की मदद से बहूत लोगो को बचाया जा रहा है। परंतु जिनका रोग प्रतिरोधक छमता कमजोर है उनका बचना बहुत ही मुश्किल हो जा रहा है।

पर दोस्तो मैं आपको बता दु इस करोना से उसी की जान जा रही है जिसका रोग प्रतिरोध छमता(immunity system) बहुत कमजोर है। अगर आपका भी रोग प्रतिरोधक छमता कमजोर है तो आप भी करोना वायरस से संक्रमित हो सकते है।

दोस्तो हम सब ये अच्छे से जानते है कि अगर हमारी प्रतिरोधक छमता मजबूत रहेगी तो हमे कोई बीमारी या कोई  संक्रमण नही हो सकता। प्रतिरोधक  छमता बढ़ाने के लिए हम कई बार अंग्रेजी दवाओं का भी उपयोग करते है ये दवाएं हमारे शरीर मे प्रतिरोधक छमता को तो बढ़ाती है परंतु ये हमारे हेल्थ के लिए नुकसान दायक भी होती है। इसलिए आज हम कुछ ऐसे योग आसनों के बारे मे बात करेंगे जो हमारे शारीर मैं प्रतिरोधक छमता को बढ़ाएंगे भी ओ भी बिना हमारी हेल्थ को कोई नुकसान पहुचाये बिना।

पर घबराने की कोई बात नही है आज हम ऐसे योग आसनों के बारे मे बात करेगे जो हमारे प्रतिरोधक छमता को बढ़ाएंगे । तो आइये जानते है कि किन योगासनो की मदद से हम अपनी प्रतिरोधक छमता को बड़ा सकते है ।

1. अधो मुख श्रानासन – यह योग अपने आप मैं ही बहुत महत्वपूर्ण योग है । यह योग का ब्रेड और मख़न वाला आसान है । अधो मुख श्रानासन साइनस संक्रमण को खत्म करने का एक शानदार तरीका है जो सर्दियों में होने वाले दबाव से राहत दिलाता है। ये आसान आपके पूरे शारीर मै सफेद रक्त कोशिकाओं को भी स्थांनातरित करता है जो कोरोना जैसे संक्रमण को रोकने में मदद करता है ।

2. सेतुबंधासन – यह एक बहुत ही आसान और अपने आप मैं कार्यसिल आसान है। यह एक अदभुत आसान है जो हमारी छाती के साथ थाइमस को भी खोलता है, टी-कोशिकाओं के विकास के लिए जिम्मेदार एक अंग जो प्रतिरक्षा प्रड़ॉली का समर्थन करने और संक्रमण से लड़ने के लिए आवश्यक सफेद रक्त कोशिका का एक प्रकार है ।

3. सुप्त मत्स्येन्द्रासन अक्सर इसको एक डिटॉक्स पोज़ के रूप मे जाना जाता है जो स्पाइनल दिस्ट को बारी- बारी से सेक करता है और धड को स्ट्रेच करता है, जिससे पेट किडनी आतो मै सर्कुलेशन बढ़ता है जो पाचन क्रिया को दुरुस्त करता है पाचन और सामान्य आंत एक स्वास्थ्य कार्यशील प्रतिरोधक प्रडॉली के लिए आवश्यक है ।

4. धनुरासन – अभी तक अन्य मुद्रा है जो पाचन तंत्र पर दबाव डालकर सफेद कोशिकाओ के प्रवाह मैं सुधार करता है ये आसान पेट पर दबाव डालता है जिससे पाचन तंत्र मजबूत होता है और पेट के अंगो के रक्त का प्रवाह बढ़ाकर स्वस्थ करता है और क्योंकि पाचन तंत्र लिम्फोसाइटों से भरा है छोटे सफ़ेद रक्त कोशिकाए जो आक्रमणकरियो से लड़ती है इसे मजबूत करने से आपकी समग्रता और स्वास्थ्य में बृद्धि होती है ।

5. भुजंगासन – भुजंगासन एक ऐसा आसान है जो छाती को पूरी तरह से खोलने वाला मुद्रा है जो शरीर की प्रतिरक्षा मै सुधार करने वाली सफेद कोशिकाओं को छोड़ने मे मदद करता है यह शाक्तिशालि मुद्रा आपके पाचन अंगो को दुरुस्त करेगा जिससे आपको अपने भोजन से अधिक पोषण लाभ प्राप्त करने मे मदद मिलेगा जो आपकी प्रतिरोधक प्रडॉली को ईंधन देने का काम करेगा ।

6. प्रायाम- वायरल संक्रमण खराब प्रतिरोधक प्रडॉली के सबसे गंभीर कारण मे से एक है जब आपकी प्रतिरक्षा प्रडॉली कमजोर होती है तो शरीर का आंतरिक वातावरण असंतुलन होता है और वायरस शरीर पर हमला करना सुरू कर देता है। प्राणयाम तकनीक आपकी प्रतिरोधक छमता को बढ़ाता है प्राणयाम के माध्यम से हम अपनी सासों को नियंत्रित करते हुए सांस को छोड़ते है जो हमारे पूरे शरीर की प्रडॉली को बेहतर बनाने मे मदद करता है , हमारे रक्त को अधिक ऑक्सिजन प्रदान करता है जिसके कारण हमारा शरीर स्वचालित रूप से पुनः संतुलन और प्रतिरोधक प्रणली को बहाल करता है।

कपालभाति प्राणयाम प्रतिरक्षा प्रणली को बढ़ाने के लिए न केवल सबसे अच्छा प्राणयाम है बल्कि ये तनाव को भी कम करता है । आंतो की सभी समस्याओं को ठीक करता है। पूरे शरीर के अंगों में रक्त परिसंचरण मै सुधार करता है ।

नोट- ब्लॉफिट आपके फ़िटनेस और हेल्थी जीवन के लिए हिंदी मैं ब्लॉग लिखता है ।

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